|
Article on other languages:
|
भूगोल (भू+गोल) पृथ्वी पर विभिन्न स्थलों की जानकारी देता है । मानव स्रष्टि का सबसे ज्ञानवान व बुद्धिमान जीव है । वह पृथ्वी सम्बन्धी सभी तथ्यों के ज्ञान और उसके छिपे हुए रहस्यों के अनावरण के किए सदैव जिज्ञासु और प्रयत्नशील रहा हैं । स्रष्टि में पायी जाने वाली विविधता को देखकर वैज्ञानिक बहुत चकित और अचंभित हुए हैं । विज्ञान के आधारभूत नियम भी इस गुत्थी को सुलझाने में असमर्थ रहे हैं । भूगोल धरातल पर पाए जाने वाले विविध तथ्यों का अध्यन करता हैं । इसके अन्तर्गत धरातल के विविध तत्वों के क्षेत्रीय वितरण का वर्णन मात्र नही हैं वरन उनके स्वरुप तथा उत्पत्ति का सकारण विवरण भी अपेक्षित हैं । सर्वप्रथम प्राचीन यूनानी विद्वान इरैटोस्थनिज़ ने भूगोल को धरातल के एक विशिष्टविज्ञान के रुप में मान्यता दी । इसके बाद हिरोडोटस तथा रोमन विद्वान स्ट्रैबो तथा क्लाडियस टॉलमी ने भूगोल को सुनिश्चित स्वरुप प्रदान किया । इस प्रकार भूगोल में 'कहां' 'कैसे 'कब' 'क्यों' व 'कितनें' प्रश्नों की उचित वयाख्या की जाती हैं ।
विद्वानों द्वारा भूगोल की परिभाषा
प्राकृतिक भूगोल• भू-आकृति विज्ञान भौतिक भूगोल
पृथ्वी पर ७ महाद्वीप हैं: एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमरीका, दक्षिण अमेरिका, ऒस्ट्रेलिया, ऍन्टार्क्टिका । पृथ्वी पर 4 महासागर हैं: अतलांतिक महासागर, अंध महासागर,हिंद महासागर, प्रशान्त महासागर |
शैल - (1) आग्नेय शैल (2) कायांतरित शैल (3) अवसादी शैल | महासागरीय विज्ञानजलवायु-विज्ञानवायुमण्डल, ऋतु, तापमान, गर्मी, उष्णता, क्षय ऊष्मा आर्द्रता | मानव भूगोलमानचित्रकला
सर्वेक्षण
यह भी देखेंविकिविश्वविद्यालय में आप भूगोल पर और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है:
ये लेख अपनी प्रारम्भिक अवस्था में है, यानि कि एक आधार है। आप इसे बढ़ाकर विकिपीडिया की मदद कर सकते है।
|
This article is from Wikipedia. All text is available under the terms of the GNU Free Documentation License.